Success Story

कृतिदेव यहां कुक्कुट पालन (ब्रॉयलर फार्मिंग)

प्रौद्योगिकी के गुण

हमारे देश का ब्रॉयलर चिकन उत्पादन हर साल लगभग 8-10 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। पिछले दो दशकों में चिकन मांस की खपत में काफी वृद्धि हुई है। सरकार सब्सिडी प्रदान करके इस उद्योग को बढ़ावा दे रही है। एक ब्रॉयलर फ़ार्म शुरू करने से पहले निम्नलिखित बिंदु को ध्यान मे रखना चाहिए-

  • स्थानीय बाजार में हाइब्रिड ब्रॉयलर चिक्स की उपलब्धता
  • पशु चिकित्सा अस्पताल, पशु रोग निदान प्रयोगशाला के लिए फार्म की निकटता
  • स्थानीय बाजार में ब्रॉयलर की विपणन सुविधा।
  • उनके इलाके में ब्रॉयलर फ़ीड और दवा की उपलब्धता

  • प्रौद्योगिकी का प्रभाव

    फार्मिंग करने वालों की स्थिति: किसानों की संख्या- 116
    पक्षियों की कुल संख्या / वर्ष (संख्या)- 9,28000
    वार्षिक कारोबार (रु. - लाख)- 1114.60
    लाभ / वर्ष - (रु. - लाख) 208.80
    (वर्ष 2013-14 तक)


    क्षेत्र का प्रसार

    किसानों की संख्या- 211
    पक्षियों की कुल संख्या / वर्ष (संख्या)- 22,25000


    उत्पादन में अपेक्षित वृद्धि

    वार्षिक कारोबार ( रु. -लाख)- 2892.50
    लाभ / वर्ष (संख्या) - (रु. - लाख) 600.75


    आय

    शुद्ध आय के रूप में 35-38 दिन के अन्दर 1000 ब्रॉयलर चूजों से 22000-25000 रुपये तक कृषक उन्नत नस्ल के चूजे पाल कर प्राप्त कर रहे है जब कि 1000 स्थानिय चूजों से मात्र 10000 से 12000 रुपये 45 से 50 दिन के भीतर प्राप्त करते थे स

    डेयरी फार्मिंग

    प्रौद्योगिकी के गुण

    हमारा देश विश्व में दुग्ध उत्पादन में प्रथम स्थान पर है स मेडिकल रिसर्च कौंसिल के अनुसार प्रति दिन प्रति व्यक्ति 280 मि० ली० दूध उपलब्ध होना चाहिए स देश की बढती हुई जनसँख्या को देखते हुए अभी और दुग्ध उत्पादन की आवश्यकता हैस डेयरी प्रौद्योगिकी को अपनाने के निम्नलिखित बिंदु को ध्यान मे रखना चाहिए

  • स्थानीय बाजार एवं कृषि संस्थान से उन्नत नस्ल के दुधारू पशु को क्रय करना चाहिए
  • पशु चिकित्सा अस्पताल, पशु रोग निदान प्रयोगशाला के संपर्क में रहना चाहिए
  • स्थानीय बाजार में दूध के स्थान पर दुग्ध पदार्थ बेचना चाहिए
  • आहार लागत को कम करने हेतु हरा चारा आधारित संतुलित आहार तैयार करना चाहिए

  • प्रौद्योगिकी का प्रभाव

    डेयरी फार्म की स्थिति: किसानों की संख्या- 12
    डेयरी पशुओ की संख्या - 814
    वार्षिक कारोबार (रुण्284.9 लाख)
    शुद्ध लाभ / वर्ष (रुण् 179.08 लाख)


    क्षेत्र का प्रसार

    किसानों की संख्या- 76
    पशुओ की संख्या 3650


    उत्पादन में अपेक्षित वृद्धि

    वार्षिक कारोबार (लाख)- 1314.0
    शुद्ध लाभ / वर्ष (रुण् 783.2 लाख)


    आय

    अतिरिक्त आय रुपये के रूप में 6241 मीट्रिक टन सदी हुई गोबर की खाद जिसकी कीमत प्रति वर्ष उनचास लाख नौ सौ बत्तीस रुपये प्राप्त हो रही है स इस प्रकार डेयरी व्यवसाय से किसानो का आर्थिक व सामाजिक स्तर में वृद्धि हो रही है स प्रति पशु प्रति वर्ष रुण् 22000-25000 शुद्ध लाभ के रूप में डेयरी कृषक प्राप्त कर रहे है

    टमाटर पौध में सहारा प्रद्त्त तकनीक

    तकनीक की विशेषता

    टमाटर की उत्पादकता में 20-ंउचय25: की वृद्धि, न्यूनतम रोग संक्रमण, गलन मुक्त फल, फल की गुणवत्ता में वृद्धि


    तकनीक का प्रभाव

    तकनीक ग्राह्यता

    उचय यह तकनीक 20-ंउचय25: अधिक फलोत्पादन प्रदान करती है। फलों का रंग अधिक प्रभावी दिखता है। प्रकाश संश्लेषण की क्रिया पौधों में अधिक तीव्र गति होने के कारण यह तकनीक जनपद में अधिक प्रभावी हो रही है।


    फैलाव क्षेत्रफल (हे)

    150 -ंउचय200 हे0 में फैलाव किया जाना है।
    उत्पादन में अनुमानित वृद्धिः फलोत्पादन में 20-ंउचय25: की वृद्धि
    आयः स्वस्थ टमाटर के उत्पादन से रू0 25000-ंउचय30000/हे0 स्टिकिंग तकनीक से प्राप्त होती है।

    तकनीक की विशेषता

    परिपक्वता अवधि

  • 240-ंउचय260 दिन
  • औसत पैदावार (कु0/हे0) 20-ंउचय22
  • बं-हजया एवं उकठा रोग अवरोधी
  • ट्राइकोडर्मा से बीज शोधन द्वारा रोग अवरोधी क्षमता में वृद्धि

  • तकनीक का प्रभाव

    तकनीक ग्राह्यता स्तर

    उचय कृषि विज्ञान केन्द्र बस्ती उक्त तकनीक का प्रजाति मूल्यांकन एवं बीज शोधन के साथ ही साथ नियमित प्रशिक्षण व प्रदर्शन के माध्यम से 75: कृषकों द्वारा जनपद में 2128 हे0 क्षेत्रफल में ग्राह्यता प्राप्त हुई है।


    फैलाव क्षेत्रफल (हे)

    जनपद के 9 विकास खण्डों के 350-ंउचय450 हे0 क्षेत्रफल में उक्त तकनीक का फैलाव करना है।
    उत्पादन में अनुमानित वृद्धिः तकनीक के प्रयोग से 20-ंउचय25: उत्पादन में वृद्धि होगी।


    आय

    तकनीक के प्रयोग से प्रति हे0 रू0 15000-ंउचय20000 की शुद्ध आय में वृद्धि हेागी।

    तकनीक की विशेषता

    जनपद में कम भार एवं वंशागत कम उत्पादन क्षमता वाली देशी बकरियों को

    बरबरी बकरे द्वारा नस्ल सुधार । नस्ल सुधार द्वारा प्राप्त बच्चों का औसत शरीर भार 15-ंउचय20 किग्रा एवं 1.5 से 2.0 ली0 दुग्ध उत्पादन प्रति बकरी।


    तकनीक का प्रभाव

    तकनीक ग्राह्यता स्तर

    तकनीकी के प्रयोग से जनपद में बकरी पालन की 36 यूनिट को ब-सजय़ाकर 218 यूनिट एवं 176208 बकरियों की संख्या को 344252 तक ब-सजय़ाया गया। बरबरी बकरे द्वारा 5ः नस्ल सुधार से ब-सजय़कर 22ः तक ब-सजय़ोत्तरी प्राप्त हुई है।


    फैलाव क्षेत्रफल (हे)

    जनपद के 10 विकास खण्ड के 2000-ंउचय2500 कृषक परिवारों को सम्मिलित किया जायेगा।


    उत्पादन में अनुमानित वृद्धि

    6 माह की उम्र में बकरे का शारीरिक भार 12 किग्रा एवं प्रति बकरी 1.5 ली0 दुग्ध उत्पादन प्रति दिन।


    आय

    रू. 10000-ंउचय15000 प्रति परिवार प्रति वर्ष

    Success Story based on Integrated Farming System - 1

    (Fishries + Duckries + EMU + Crops)

    Name of Farmer : Sri Radhey Shyam Yadav

    Father's Name : Late Sri Dinai Yadav

    Address : Vill-Vashawa Rai, Block-Parashrampur, Distt.-Basti (U.P.)

    Age : 52 Year

    Qualification : Post Graduate

    B : C ratio : 3.40

    Family Members : 9

    Radhey Shyam Yadav S/O Sri Dinai Yadav is a Farmer belongs to Vill-Vashawa Rai, Block-Parashrampur, Distt.-Basti (U.P.). His Aged 52 Years old and Qualification has M.A. The Vashawa Rai village located in 30Km away from District Headquarter and 8Km from Vikramjot on NH-28.

    Previous Status of Farming

    He has 10Acre Land and a small Kachacha House with one Milking Cow initially he adopted simple traditional crop rotation Paddy-Wheat-Sugarcane.

    Intervention by Krishi Vigyan Kendra

    Sri Yadav Participated in vocational Training Programme during 2008-09 at Krishi Vigyan Kendra. He emphasized in this training and requests to scientist visit his farm. Scientist advised him to reduce sugarcane area and prepare a fish ponds with duck Farming. The area is situated near his residence.

    Present Status of Farming

    Sri Yadav starting integrated fish farming after achieving technical knowledge. He has 3 ponds area 1 ha. and .4 ha as a nursery pond. 250 layer Ducks, 31 Emus, 3 Cows, 2 Buffalos, 1 Gobergas Plant, 35 Papaya Plants, 45 Banana Plants, 4 Anola Plants, 25 Mango Plants and .2 ha Vegetables through out the Year, 1 Motercycle, 1 Diesel Pumping set and 1 Electric Tube well Etc.

    Effect on Socio Economic Status

    Income from fish ponds 85 qt. Fish and 73000 eggs annually. He getting Rupees 45000 per month additional income from Fish and Duck Farming.His socio economic status is recognized as a Progressive Farmers. He builds a new house and better education of Son and daughter.

    Effect on other Farmers

    37 Farmers are impressed and adopt integrated farming system after viewing the result demonstration of Integrated Fish Farming.



    Success Story based on integrated Dairy Farm - 2

    (Crop + Dairy)

    Name of Farmer : Sri Raj Dev Yadav (Raju)

    Father's Name : Sri Ram Deen Yadav

    Address : Vill-Madanpura, Block-Gaur, Distt.-Basti (U.P.)

    Age : 35 Year Old

    Qualification : High School

    B : C ratio : 1.83

    Family Members : 12

    Sri Raj Dev Yadav is a Farmer Residence of Vill-Madanpura, Block-Gaur, Distt.-Basti (U.P.). His age 35 year old. Qualification has High School. Madanpura village located away 15 Km from Basti Headquarter and 10 Km Kaptanganj NH-28.

    Previous Status of Farming

    He has 3 acre land with Kachacha house and 5 non descript cows. In starting traditional crop rotation Paddy and wheat with small area Green Fodder Rabi Season only.

    Interventation by Krishi Vigyan Kendra

    Sri Yadav participated in vocational training programme on scientific dairy management during 2008-09 at Krishi Vigyan Kendra. Sri Yadav interact to scientist during training programme . he asked the question and solve dairy management problems by the scientist

    Present Status of Farming

    He has 26 adult miltching cross breed Cows, 1 Bull, 8 Calf and heifer. For Fodder Production he has 4 acre land on leached basis 2 Bhusha godown, 1 Pumping Set, 1 Power chaff cutter, 1 Motercycle and 6 Milking kan with 150 Ltr. Capacity. He builds a Pakka House.

    Effect on Socio Economic Status

    He supplied 325 Lt. Milk per day regular supply in the district headquarters. He recognized as progressive dairy farmer in the district, monthly income is 58 thousand rupees per month net profit. After this income he built double story pakka house and purchase 10 cross breed Cows.

    Effect on other Farmers

    45 Farmers are impressing and adopted. The dairy farming module and getting regular attracting income after viewing the Yadav’s dairy Farm.



    Success Story based on Integrated Farming System - 3

    (Crop + Vegetable + Poultry Farming)

    Name of Farmer : Mohd. Amir Khan

    Father's Name : Mohd. Ali Akbar

    Address : Vill-Neduri, Block-Harriya, Distt.-Basti (U.P.)

    Age : 30 Year Old

    Qualification : High School

    B : C ratio : 1.72

    Family Members : 9

    Mohd. Amir Khan s/o Mohd. Ali Akbar belong to Vill-Neduri, Block-Harriya, Distt.-Basti (U.P.). The Neduri village situated 35 Km away from Basti Headquarter and 7 Km from Harriya NH-28.

    Previous Status of Farming

    Mohd. Khan has very less land holding capacity 1 Acre. A small Poultry house capacity 200 birds, A Kachacha House and traditionally agriculture package practises with Paddy-Wheat-crop rotation.

    Intervention by Krishi Vigyan Kendra

    Mohd. Khan participated in vocational training programme on Broiler Production during 2009-10 at Krishi Vigyan Kendra. Mohd. Khan interact several time through telephonic talk scientist advised him on feeding management practices and vaccination of broiler.

    Present Status of Farming

    Now Present time he has 2 big poultry shed with 5000 Broiler birds. He sold 5 Groups of adult Broiler birds in a year. He achieving 1 Kg body weight of birds in 24 days age and 2 Kg weight at 27 days ages.

    Present Status of Farming

    Now Present time he has 2 big poultry shed with 5000 Broiler birds. He sold 5 Groups of adult Broiler birds in a year. He achieving 1 Kg body weight of birds in 24 days age and 2 Kg weight at 27 days ages.

    Effect on other Farmers

    26 Farmers are initiating from this Broiler after viewing the Mohd. Amir Khan’s Broiler Poultry Farm. Fish pond Farmer used poultry excreta as a feed in the ponds.



    Success Story - 4

    1. Name of the enterprise - Goatry
    2. Name and complete address of entrepreneur- Sri Ansar Ahmad Vill- Niduri Dist- Basti (U.P.)
    3. Interventions of KVK with quantitative data support -
      Training - No.3
      Demonstration - No.2
      Field day & Gosthi - No.1
      Group meeting - No.2
      Publicity and marketing - by Kisan Gosthi & Kisan Mela
    4. Unit Establishment year 2011.
    5. Technical components in the enterprise -
      a- Raw Materials - Fodder Concetrate Mixture Localy Available at Formers Field.
      b- Size of goat Units - Forty female with four buck male goat.
      c- Man power - 2
      d- Package and handling – Coasted goat as whole on live.
      Cost : benefit ratio – 1.63
    6. Status of entrepreneur before and after enterprise :
      Before : 1- 5 Goat, 2- 1 acre Land, 3- Income 82000 Rs. Only, 4- Live standard BPL
      After :44 Goat, 2 acre Land, Income 1,80000 Rs. Only, Above poverty line
    7. Present working condition of enterprise in terms of raw material availability, labour availability & marketing easily, locally available.
    8. Horizontal spread of units- 17 farmers are engaged in goat business.
    9. Recognition/Awards Received by the Agriculture Department at District Level. Krishi Vigyan Kendra also promote him for excellent performance of unit.


    Success Story of Farm Women - 5

    Smt. Saroj Shukla, Village - Sicta Ganesh pur Basti

    This is the story of farm woman Smt. Saroj shukla living in village Sicta Ganeshpur, Basti. The village is situated at 10km. from the district headquarters on the Babhanan road. The family was facing an economical crisis due to their irregular income through out, One day she came in contact with KVK Home scientists who were in the village for training. She expressed her concern over her poor economical condition. She was told about the various enterprises for self-employment and generating extra income. Since she had some knowledge of fruit preservation, she joined the vocational training programme on fruit preservation being imparted by KVK, Basti. After completing the course, she constructed a preservation unit in the backyard of her house with the help of the KVK. In January 2010, she stared the unit by the KVK to help scientist. After four months, she started earning of Rs. 250-300/- per day by selling prickle, murabba, candy etc. She provide 6-7 additional women in her enterprise. She introduce AG Achar as a trade mark shop in the village & district. At present she is earning additional income of Rs. 8,000 to 9,000/- per month. Hopefully, she will earn more money in the future and set an example for other rural women.